स्काउट में मापनी (Scale) का उपयोग

स्काउट में मापनी (Scale) का उपयोग

मानचित्र पर दो स्थानों के मध्य की दूरी और धरातल पर उन्हीं स्थानों के मध्य पर वास्तविक दूरी के अनुपात को मापनी कहते हैं। उदाहरण के लिये मापनी में किलोमीटर की दूरी को एक सेन्टीमीटर में दर्शाया गया हो। इस प्रकार मापनी एक ऐसी तकनीक है, जिसके द्वारा छोटे-छोटे हिस्सों को बड़े आकार में तथा बड़े-बड़े क्षेत्रों को छोटे आकार में प्रदर्शित किया जा सकता है।

मापनी निम्नांकित प्रकार की होती है-
1. साधारण मापनी, 2. विकर्ण मापनी, 3. तुलनात्मक मापनी, 4. पग मापनी, 5. चक्कर मापनी, 6. समय या दूरी मापनी, 7. वर्नियर मापनी, 8. ढाल या प्रवण मापनी।

साधारण मापनी
इस मापनी में दो इकाइयाँ प्रकट की जा सकती है जैसे (1) मीटर और से.मी.(2) किलोमीटर और मीटर इत्यादि। इस मापनी का प्रदर्शन एक सरल रेखा द्वारा किया जाता है। इसलिये इसे साधारण रेखात्मक मापनी भी कहते है। साधारण मापक प्रकट करने की तीन विधियाँ है:-
कथनात्मक विधि -इसमें मापक की अभिव्यक्ति शब्दों द्वारा की जाती है जैसे -1 से. मी. = 5 कि. मी. अथवा 1″ = 8 मील इत्यादि।
उदाहरण – दो नगरों की वास्तविक दूरी 7 कि. मी. है जब कि मानचित्र पर इन्हें 3.5 से. मी. से प्रकट किया गया है।


3.5 से. मी. मानचित्र पर प्रदर्शित करते है, भूमि के = 7 कि. मी. से.मी.
मानचित्र पर प्रदर्शित करेंगे भूमि के.= 7/3.5 कि. मी. अतः कथनात्मक मापक होगा।। से. मी.2 कि. मी.।

प्रदर्शक भिन्न-इस विधि में मापक का प्रदर्शन भिन्न के द्वारा किया जाता है।
धरातल के दो स्थानों के मध्य की दूरी तथा मानचित्र पर उन्हीं स्थानों के मध्य की दूरी का अनुपात भिन्न के रूप में व्यक्त किया जाता है। भिन्न का अंश मानचित्र की दूरी और हर धरातल की दूरी प्रकट करता है। जैसे 1/5000 या 1/2500 या 1/50000 इत्यादि।

उदाहरण -दो स्थान एक दूसरे से 4.5 कि. मी. दूर है मानचित्र पर इन्हें 5 में मी. से प्रकट किया गया है। प्र.मि. ज्ञात कीजिये।
प्रदर्शन भिन्न
= मानचित्र पर दूरी/वास्तविक दूरी
=5/4.5×100000
=1/90000


रेखात्मक विधि -इस विधि में एक निश्चित रेखा द्वारा दूरियां प्रकट की जाती है। इस रेखा दाहिनी ओर मुख्य भागों और बांयी ओर गौंण भागों को दर्शाया जाता है।
उदाहरण – दो स्थान एक दूसरे से 50 कि.मी. दूर हैं मानचित्र पर उन्हें 2 से.मी. से दर्शाया गया है। एक साधारण मापक बनाइये जिस पर 280 कि.मी. पढ़े जा सके।
हल प्र.मि. = मानचित्र की दूरी/ वास्तविक दूरी
2.5 से. मी. (1 कि. मी. =100000 से. मी.)
= 1/2500000
चूंकि मापक के लिये लम्बाई 15 से. मी. या 6″ लगभग रखी जाती है। अतः गणना इस प्रकार होगी-
1 से. मी. मानचित्र पर प्रकट करता है धरातल के 2500000 से.मी. ।

15 से. मी. मानचित्र पर प्रकट करेंगे धरातल के
= 25 x 15 कि. मी./100000

=375 कि.मी.
375 कि.मी. का पूर्णांक में 350 कि.मी.या 400 कि.मी. मानकर गणना इस प्रकार होगी-
375 कि. मी. दर्शाते हैं =15 से. मी. को
1 कि. मी. दर्शायेगा=15 से. मी./375
400 कि.मी. दशायेगा=400×15/375 =16 से. मी.

अब 16 से. मी. की रेखा पर 400 कि. मी. दर्शाये जायेंगे। 16 से. मी. की सरल रेखा खींचकर उसके आठ बराबर भाग किये। प्रत्येक भाग 50 कि. मी. की दूरी प्रकट करेगा। बायीं तरफ के एक भाग को पुनः5 बराबर भागों में बाँट दिया। प्रत्येक भाग 10 कि.मी. प्रकट करेगा। इस प्रकार इस रेखात्मक मापनी में 280 कि.मी. की दूरी पढ़ी जा सकेगी।

Get real time updates directly on you device, subscribe now.

Leave A Reply