टोली, पताका, निनाद, पैट्रोल कॉर्नर, क्राई, पैट्रोल कॉल

0

टोली, पताका, निनाद, पैट्रोल कॉर्नर, क्राई, पैट्रोल कॉल

टोली (पैट्रोल)-

टोली विधि स्काउटिंग का प्राण है।एक टूप/कम्पनी में 12 से 32 तक स्काउट्स/गाइड्स होते हैं । दलको टौलियों में विभाजित किया जाता है। प्रत्येक टोली में एकटोलीनायक व एक सैकेण्ड को मिलाकर 6 से 8 स्काउट/गाइड होतेहैं।स्काउट टोली का नाम पशु-पक्षियों के नाम पर तथा गाइड टोलीका नाम पुष्पों के नाम पर रखा जाता है।


टोली पताका (Flag)-

प्रत्येक टोली कीएक टोली पताका होती है इसे सफेद कपड़ेसे त्रिभुज केआकार में बनाया जाता है। इस पर बीच में लाल रंग सेटोली का चिह्न बनाया जाता है। टोली पताका का आधार20 सेमी. तथा दोनों भुजाएँ 30-30 से.मी. की होती हैं।

टोली पताका (Flag)

निनाद व गीत-

 स्काउट-अपनी टोली के पशु/पक्षी तथा गाइड-पुष्प के अनुरूप निनाद व गीत तैयार करते हैं। वे इसे टोली की मीटिंग व हाइक आदि के अवसर पर गाते हैं।


पैट्रोल कॉर्नर-

 स्काउट-गाइड गतिविधियों के संचालन, स्काउट-गाइड रिकॉर्ड व शिविर के सामान आदि के लिये निर्धारित कमरे को स्काउट क्लब रूम/गाइड क्लब रूम कहते हैं। प्रत्येक टोली को इसी कमरे का एक-एक कोना दे दिया जाता है जिसे वे टोली परिचय, मॉडल, चार्ट व गेजेट आदि से सजाते हैं इसे ही पैट्रोल कॉर्नर कहते हैं।


पैट्रोल काल या क्राई- (टोली की पुकार )

( केवल स्काउट प्रत्येक स्काउट को अपनी टाली के पशु-पक्षों को आवाज बोलना आना चाहिए। इसे पेट्रोल काल कहते हैं। हाइक के समय जंगल में इस आवाज के द्वारा अपनी टोली को एक स्थान पर एकत्रित कर सकते हैं। ट्रप मीटिंग में रैलीकॉल करते समय अपनी-अपनी टोली की आवाज करते हुए रैली स्थल परपहुंचते हैं।

Leave A Reply