गुदगुदी करने वाली बाल कविताएँ(Tickling kids poems)

छाता-

लाल गुलाबी, काला छाता |
बड़े काम में आता छाता |
वर्षा में गीला हो जाता |
स्वयं भीगता, हमें बचाता |
हम सब का साथी है छाता |
धूप से हमें बचाता छाता ||
राधा का है पीला छाता |
मुन्नू का है नीला छाता |
फूलों भरा सुनहरा छाता |
रंग रंगीला सुंदर छाता ||
धूप से हमें बचाता छाता |
मुन्नी गोल घुमाती छाता |
आंख बचाना इससे भैया |
यह है बहुत नुकीला छाता ||

गेंद –

भैया देखो, गेंद हमारी,
पीली- नीली, गेंद हमारी |
टपटप करती, टप्पा खाती,
दौड़े पीछे, हमें भगाती |
हल्की-फुल्की गेंद हमारी,
हवा में उछले, गेंद हमारी ||
खुद दौड़े,हमको दौडाती,
पकड़ो फिर भी, हाथ न आती|
गोल -गोल है, गेंद हमारी,
बड़ी निराली, गेंद हमारी |
फेंको जिधर, वही है जाती,
लुढ़क -लुढ़क कर वापिस आती |
सतरंगी है, गेंद हमारी,
पक्की सहेली, गेंद हमारी |

बोलो तो-

फूल, फूल, तुम बोलो तो |
अपने मन को खोलो तो |
फूल, फूल,तुम कितने अच्छे |
तुम्हें प्यार करते हम बच्चे |
रंग तुम्हें दे जाता कौन ?
छिड़क, गंध महकता कौन ?
बतला दो तुम, उसका नाम ?
करे सदा जो अच्छे काम |

गुब्बारे –

रंग- रंगीले गुब्बारे |
नीले -पीले गुब्बारे |
उड़ते देखो गुब्बारे |
उछल रहे हैं, गुब्बारे |
कोई लंबा, कोई नाटा |
कोई पतला, कोई मोटा |
गिरते उठते,गुब्बारे |
बातें करते, गुब्बारे |
रानी देखो, गुब्बारे |
अन्नू छूटा, गुब्बारे |
फट से फूटे, गुब्बारे |
नए फुलाए,गुब्बारे |

बंदर मामा –

बंदर मामा पहन पजामा,
दावत खाने आए |
पीला कुरता, टोपी जूता,
पहन बहुत इतराए |
बंदर मामा……..
रसगुल्ला लप बोले लूं चख,
डाला मुंह में गप से,
नरम -नरम था ,बड़ा गरम था,
जीभ भी जल गई लप से |
बंदर मामा………
बंदर मामा फेंक पजामा,
आंसू भर -भर रोए,
घर पर पहुंचे, थे झल्लाए,
बिस्तर पर जा सोए |
बंदर मामा……….

काला रंग-

बौर पर बैठी कोयल
कहती मै काली मतवाली
कांव-कांव करता कौवा काला
गुन गुन गाता भोंरा काला ||
चमके चूड़ी का रंग काला |
खेल दिखाए भालू काला ||
मुन्नी के काले बालों में ,
चोटी काली लहराए
राधा काली चुनरी ओढ़े
खड़ी- खड़ी मुस्कुराए हैं|

लाल- लाल-

लाल लाल,लाल लाल,
सुबह कुछ होता लाल ?
सुबह का सूरज लाल- लाल
शाम का सूरज लाल -लाल |
लाल लाल,लाल लाल,
खून हमारा लाल- लाल ,
तोते की चोंच लाल -लाल ,
मसूर की दाल लाल- लाल |
लाल – लाल, लाल लाल |
जलती आग, लाल- लाल |
पकी हुई मिर्च,लाल-लाल,
कटा तरबूज लाल -लाल |
और क्या होता लाल ?
जल्दी ढूंढो लाल- लाल |
लाल- लाल ,लाल लाल
और क्या होता लाल- लाल ?

संकलन : श्रीमती सरोजनी पटेल

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