स्काउटिंग में आग बुझाने की कला

आग बुझाना

आग बुझाने से पूर्व यह जानना आवश्यक है, कि आग किन कारणों से लगी। घरों में बीड़ी या सिगरेट के जले ठुठ फेंकने, बच्चों के हाथ माचिस पड़ने, मोमबत्ती, दीपक, स्टोव, गैस चूल्हा, बिजली या पटाखों से आग लग सकती है। लकड़ी व घास पर लगी आग बुझाने के लिये पानी का प्रयोग करना चाहिए। पेट्रोल, स्पिरिट, मिट्टी के तेल, कुकिंग गैस, बिजली आदि से लगी आग बुझाने के लिए रेत अथवा रसायनिक आग बुझाने के यंत्र (Chemical Extinguishers) का प्रयोग करना चाहिए। रसायनिक आग बुझाने में भी अलग-अलग रसायन प्रयुक्त होते हैं।

  • सोडा-एसिड-केवल घरेलू आग बुझाने में प्रयुक्त होता है। यह पेट्रोल, स्पिरिट, खनिज तेल तथा बिजली की आग बुझाने के लिए अनुपयुक्त है।
  • कार्बन-डाइ-ऑक्साइड-बिजली की आग बुझाने के लिए उपयोगी है। फोम-टाइप-इसमें पानी, बाइकार्बोनेट आफ सोडा व फोम का मिश्रण होता है। इससे तैलीय आग बुझाई जा सकती है।
  • कार्बन टेट्रा-क्लोराइड-मोटरकार आदि की आग बुझाने में उपयुक्त है किन्तु घर के अन्दर इसका प्रयोग कदापि नहीं करना चाहिए।
  • कपड़ों पर लगी आग के लिये उस व्यक्ति को जमीन पर लिटाकर कम्बल या मोटे कपड़े से ढक दें।
  • सूखी घांस पर लगी आग को बुझाने के लिए विपरीत दिशा में आग लगा दें ताकि दोनों आग टकराकर समाप्त हो जायें।
  • यदि किसी बस्ती की झोपड़ी में आग लग जाये और तेज हवा के कारण दूसरी झोपड़ियों के आग पकड़ने का भय हो तो अगल-बगल की झोपड़ियां तुरन्त हटा दें।
  • लकड़ी व घांस की आग बुझाने के लिए पानी का प्रयोग करें। फायर बिग्रेड को बुला लें।

आग बुझाने की बाल्टी श्रृंखला विधि (Bucket Chain Method)

इस विधि में स्काउट/गाइड् पानी के तालाव या कुंआ या नल से आगे तक दो कतारों में इस प्रकार खड़े हो जाते हैं कि एक कतार पानी भरी बाल्टी आग तक और दूसरी कतार खाली बाल्टियाँ पानी तक हस्तान्तरित करती हैं। थोड़ी-थोड़ी देर बाद आगे की ओर अपना स्थान बदलते रहते हैं, ताकि किसी को अधिक काम न करना पड़े।

आग बुझाने से पूर्व स्काउट/गाइड अपने दल में कार्य-विभाजन इस प्रकार कर लेते हैं-
1. बचाव का कार्य- आग लग घर से सामान, व्यक्ति या जानवरों को बाहर निकालना।
2. सामान व रोगी की सुरक्षा करना।
3. आग बुझाने का कार्य करना।

सूखी घांस की आग बुझाना

सूखी घास की आग बुझाते समय स्काउट गाइड को यह देखना चाहिए कि घांस कितनी और किस तरह की है।
यदि जमीन की सूखी घास हो तो आग लगे स्थान से कुछ दूरी पर घास काट दें अथवा हटा दें। यदि नीचे से ऊपर की ओर जा रही हो तो कुछ दूर ऊपर जाकर आग इस प्रकार लगायें कि जब नीचे और ऊपर की आग टकराये तो स्वतः ही बुझ जायेगी।
जंगल की आग में आग लगे स्थान से पर्याप्त दूरी पर लाइन काट कर आग लगाते और बुझाते जायें जैसा वन विभाग करता है। जहाँ आग लगी हो पत्तों सहित शाखायें लेकर आग पर मारते हुए बुझायें।
सूखी घास ढेर में हो उसे पानी से बुझायें, यदि आग झोपड़-पट्टी में लगी हो तो बीच की झोपड़-पट्टी हटा दे। पानी से आग बुझायें। फायर ब्रिगेड को फोन करें।

आग से सुरक्षा के उपाय

  • सावधानियाँ
    घर में या बस में बैठे लोग असावधानी से बीड़ी सिगरेट जलाकर माचिस की जली हुई तिल्ली फैंक देते हैं अथवा बीड़ी-सिगरेट के जले हुए ठंठ यत्र-तत्र फैंक देते हैं जिसके सम्पर्क में आकर कोई घास, कपड़ा, पत्ती, कागज आदि जल सकता है और आग पकड़ सकती है। अतः माचिस की तिल्ली, सिगरेट, बीड़ी को अच्छी तरह बुझा कर ही फैकें। सोते समय सिगरेट या बीड़ी मुंह में न लें।
  • आग के निकट माचिस न रखी जाय और न उसे बच्चों के हाथ पड़ने देना चाहिए।
  • घर में शीघ्र ज्वलनशील तरल पदार्थ जैसे स्पिरिट, पेट्रोल, मिट्टी का तेल आदि को सावधानी से रखना चाहिए।
  • घर में रद्दी कागज, कपड़े के चिथड़े, फर्नीचर की टूटी फूटी लकड़ी यों ही इधर-उधर फैकी पड़ी न हो अन्यथा उन पर कभी भी आग लग सकती हैं।
  • घर, ऑफिस या फैक्ट्री में बिजली के पुराने कमजोर तारों, विद्युत भार की अधिकता अथवा खराब उपकरणों के कारण बिजली से आग लग सकती है। अतः ऐसे तार व उपकरणों की जाँच करते रहें। सस्ते और अनधिकृत उपकरणों का प्रयोग न करें।
  • कभी-कभी कूड़ा-करकट सड़कों या आगन में ऐसे स्थान पर जलाया जाता है जहां से तेज हवा चलने पर वह आसपास की झोंपड़ियों को जला सकती है। अतः कूड़ा करकट गड्ढ़ों में जलाना चाहिए। खुली आग को भली प्रकार बुझा देना चाहिए।
  • घर में जलती मोमबत्ती, चिराग आदि को छोटे बच्चों की पहुँच से दूर रखना चाहिए।
  • महिलाओं को रसाई घर में ऐसे वस्त्र नहीं पहनने चाहिए जो शीघ्र आग पकड़ते हों।
  • गैस का चूल्हा जलाते समय पर्याप्त सावधानी रखनी चाहिए। गैस सिलेंडर का नॉब भोजन पका चुकने के बाद बन्द कर देना चाहिए।
  • यदि रसोई में गैस लीक कर रही हो तो पहले चूल्हें और गैस सिलेंडर के नॉब बन्द कर दें। खिड़कियां, दरवाजे खोल दें। माचिस या बिजली न जलायें।
  • घास-फूस व झोंपड़ी के निकट पटाखे न फोड़ने दें।
  • बस, ट्रक या कार में ज्वलनशील तरल पदार्थ जैसे-स्पिरिट, पेट्रोल, मिट्टी तेल, शराब, गैस सिलेंडर कदापि न ले जाने दें।
    आग लगने पर शोर मचाकर लोगों को सूचित करें तथा फायर बिग्रेड को फोन करें।


अग्नि शमन यंत्रों के प्रकार और उनका उपयोग करना जानें।

विभिन्न प्रकार के अग्नि शमन यंत्र अलग-अलग प्रकार की आग पर काबू पाने के लिये उपलब्ध हैं जिसका उपयोग करते स्काउट् / गाइड्स को आना चाहिये ताकि आपात कालीन स्थिती में सहयोग कर सकें।

Get real time updates directly on you device, subscribe now.

Leave A Reply