बाल कविता : बच्चों को कविता के माध्यम से वर्णमाला सिखाएं

वर्णज्ञान - बालगीत

छोटे छोटे बच्चों को कवितायेँ बहुत पसंद होती हैं. यदि उन्हें कविता के माध्यम से वर्णमाला सिखा दे तो कितना अच्छा हो, तो आइये शुरू करें ये बालगीत –

वर्णज्ञान – बालगीत –

बच्चों पढ़ना -लिखना सीखो |
देश -धर्म पर मरना सीखा ||
महान लोगों के जीवन से |
उच्च आदर्श बनाना सीखो ||

अ- से अजर,अमर कहलाओ |
आ- से आजादी को पाओ ||
इ – से इधर-उधर मत जाओ |
ई – से ईश्वर ध्यान लगाओ ||

उ – से अपनी उपज बढ़ाओ |
ऊ – से ऊसर भूमि जुताओ ||
ए – से एक शक्ति बन जाओ |
ऐ – से ऐरावत चढ जाओ ||

ओ -से ओछे भाव न लाओ |
औ – से और बड़े बन जाओ ||
अं – से अंबर चढ़ना सीखो |
देश धरम पर मरना सीखो ||

क – से कर कर्तव्य अनूठा |
ख – से खाओ कभी ना झूठा ||
ग – से गलती मत दुहराओ |
घ – से घर -घर अलख जगाओ ||

च – से चंद्र कवि बन जाओ |
छ – से छत्रसाल कहलाओ ||
ज – से जफर, जवाहर बनकर | 
झ – से झट झंडा ऊंचा कर ||

ट – से तुम टैगोर व टंडन |
ठ – से ठाकुर बीच भूमि बन ||
ड – से डर को दूर भगाओ |
ढ – से ढाढस को अपनाओ ||
ण – से णमो तुम करना सीखो |
देश धरम पर मरना सीखो |

त – से तेनसिंह बन जाओ |
थ – से थापा वीर काहलाओ ||
द – से दयानंद व्रत धारी |
ध – से धरम निभाओ भारी ||

न – नितिन,नरोत्तम बनकर |
प – से  परम हंस पद पाकर ||
फ – से फडनवीस से फौजी |
ब – से बिस्मिल,बोस ,बनर्जी ||

भ – से भगतसिंह ,भूषण बन |
म – से मदन, महात्मा, माखन ||
य – से यज्ञ करो यश पाओ |
र –  से राजगुरु बन जाओ ||

ल – से लाजपत, लालबहादुर |
व – से वंदा, वसु, विद्याधर ||
श – शु, शिवा, शिव बनना |
ष – से षडमुख , कीरल काना ||

स – से संयम, सदैव सदाचारी
ह – से हलधर से गुणधारी ||
क्ष – से क्षमा पति बन जाओ।
त्र – से त्रास महान मिटाओ ।।
ज्ञ – से ज्ञान कमल से सीखो।

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