समाज सेवा शिविर में प्रतिभाग

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समाज सेवा शिविर में प्रतिभाग

भारतीय स्काउटिंग के प्रणेता पं.श्रीराम बाजपेयी जी ने सेवा-समिति स्काउट दलों का गठन कर बालकों में सेवा-भाव को पुष्ट करने का कार्य किया। उस समय स्काउट मेलों, बाढ़, दुर्भिक्ष, महामारी आदि कार्यों में निःस्वार्थ सेवा करते थे। इन कार्यों के सम्पादन के लिये सेवा-शिविरों का आयोजन समय-समय पर कर स्काउट/गाइड को सेवा का अभ्यास करते रहना आवश्यक है। सेवा ईश्वर की पूजा है तथा “कर्ता” को इससे आत्मिक मिलता है।

सेवा के निम्नांकित कार्य अपनाये जा सकते हैं –

  • किसी मेले में खोये-पाये बच्चों की व्यवस्था, जल पिलाने का कार्य, साइकिल व्यवस्था, दर्शनार्थियों को पंक्तिबद्ध करना, चोर उचक्कों की निगरानी करना।
  • प्राथमिक चिकित्सा केन्द्र स्थापित करना।
  • बस स्टेशन, रेलवे स्टेशन, सार्वजनिक स्थलों में प्याऊ की व्यवस्था करना।
  • वृक्षारोपण कार्य।
  • प्रौढ़ शिक्षा कार्यक्रम अपनाना।
  • किसी गाँव की स्वच्छता अपनाना।
  • पर्यावरण जागृति अभियान चलाना ।
  • सड़क, भवन, पार्क आदि का निर्माण करना।
  • रामलीला जलूस आदि में स्वयं सेवक का कार्य।
  • बाढ़ भूचाल, दूभिक्ष आदि प्राकृतिक आपदाओं में पीड़ितों की सेवा करना।

मेले में प्रतिभागिता

  • मेले का आयोजन और व्यवस्था मेला प्रबंध समिति और प्रशासन के संयुक्त प्रयास से किया जाता है। इस मेले में कई सामाजिक संस्थायें और स्वयंसेवी संगठन भी सेवा कार्य में अपना योगदान देते है।
  • स्काउटस एवं गाइडस को हमेशा अपनी सेवायें देने के लिये तत्पर रहना चाहिये।
  • मेले में दी गयी सेवाओं को अपनी लॉगबुक में फोटाग्राफ के साथ लिखना चाहिये।
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