बच्चो के लिए ६ कविताये , सुनके जिसे वो गुनगुनाएं (Listening to the 6 poems for children, which he laughs)

अम्मा


अम्मा करती कितना काम।
चाहे सुबह हो चाहे शाम ।
कुछ ना कुछ करती ही रहती।
सारे घर का बोझ आ सहती।
नहीं उसे मिलता आराम ।
अम्मा करती कितना काम।
हम भी थोड़ा काम करेंगे।
अम्मा जी की मदद करेंगे ।
तब होंगे सब काम तमाम।
मिलेगा अम्मा को आराम ।

डर डर डम

पी पी पी पी डर डर डम ,
नन्हे मुन्ने सैनिक हम।
छोटी सी है फौज हमारी ।
पर उसमें है ताकत भारी ।
बड़ी-बड़ी फौजे झुक जाती ।
जब यह अपना जोर दिखाती ।
पी पी पी पी डर डर डम ,
नन्हे मुन्ने सैनिक हम।

गुड़िया मेरी रानी है

गुड़िया मेरी रानी है
बन्नो बड़ी सयानी है
गुन गुन गाना गाती है,
ता थई नाच दिखाती है।
हंसती रहती है दिन रात ,
करती है वह मीठी बात ।
ठुमक ठुमक कर आती है ।
कंधे पर चढ़ जाती है।

लालची कुत्ता

कुत्ता एक रोटी को पाकर,
खाने चला गांव से बाहर।
नदी राह में उसके आई,
पानी में देखी परछाई।
लिए हैं रोटी कुत्ता दूजा ,
डराकर छीनू उसने सोचा ।
लेकिन उसकी किस्मत खोटी,
भौका ज्यों ही गिर गई रोटी ।

चंदा मामा

दूर के चंदा मामा दूर के
पुए पकाए बूर के ।
आप खाएं थाली में ,
मुन्ने को दे प्याली में ।
प्याली गई टूट।
मुन्ना गया रूठ ।
चंदा के घर जाएंगे ।
लाएंगे नयी प्यालिया।
मुन्नी को मनाएंगे
बजा बजाकर तालियां।

गुटर गू


उड़ा कबूतर फर फर फर।
बैठा जाकर उस छत पर।
बोल रहा है गुटर गू
दाने खाता चुन चुन कर ।
इसकी बोली सुन सुन कर,
इसे बुलाते हम लेकिन ,
उड़ जाता है यह फिर फर फर ।
उड़ा कबूतर फर फर फर।
उड़ा कबूतर फर फर फर।
बैठा जाकर उस छत पर।
गर्दन हिला हिला कर यूँ ।
बोलेगा फिर गुटर गुं।

Get real time updates directly on you device, subscribe now.

Leave A Reply

Your email address will not be published.