निरीक्षण शक्ति का प्रशिक्षण (Kims Games)

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निरीक्षण शक्ति का प्रशिक्षण (Kims Games)

स्काउटिंग गाइडिंग में स्काउट गाइड की निरीक्षण शक्ति को बढ़ाने के लिए किम्स खेलों का सहारा लिया जाता है। अच्छे स्काउट/गाइड की एक विशेषता यह है कि उसकी निरीक्षण शक्ति तीव्र होती है। एक नजर में देखकर ही सारी सूचनायें जान लेता है। इसके लिये उन्हें निरीक्षण के खेल-आँख, नाक, कान, रसना व स्पर्श के खेल खिलायें जाते हैं। जिनका नाम स्काउटिंग में किम्स गेम दिया गया है।

किम बाल ओहरा नामक, भारत में स्थित, आयरिस सेना के सार्जेन्ट का पुत्र, एक बालक था जिसके माता पिता का बचपन में ही देहान्त हो गया था। वह भारतीय बच्चों में घुलमिल गया था और वहीं की भाषा अच्छी तरह जानता था। अकस्मात् एक दिन उसे अपनी पिता की रेजिमेंट दूसरे स्थान पर जाती मिल गयी। घुस गया और पकड़ा गया। जाँच करने पर पाया गया कि वह उसी रेजीमेंट. के सार्जेन्ट का बेटा है उसे रेजिमेन्ट ने अपने अधिकार में लेकर शिक्षित किया। कुछ समय बाद मि. लार्गन मिले, जो एक प्रसिद्ध जवाहरात व्यापारी और गुप्तचर विभाग के भी सदस्य थे। मि. लार्गन ने किम को निरीक्षण में प्रवीण करने के लिये कीमती रत्नों से भरी तश्तरी एक मिनट दिखाकर 2 मिनट में याद कर वस्तुओं का लिखने का अभ्यास कराया। प्रारभ में वह कम वस्तुए याद कर पाया।कित् बार-बार अभ्यास व करने के बाद वह प्रवीण हो गया। 24 वस्तुओं में से कम से कम 16 वस्तुएँ याद करने से उसे सफल माना गया। अतः उसे जासूसी विभाग का सदस्य नियुक्त का दिया गया। उसे गुप्त ताबीज दिया गया जिसकी सहायता से वह अपने विभाग के जासूसी सदस्यों को पहचान लेता था। किम वेश बदलने में माहिर था। एक बार जब उसके विभाग का सदस्य लहुलुहान था और शत्रु उसका पीछा कर रहे थे जो किसी पुलिस चौकी के इंस्पेक्टर के पास जाना चाहता था। किम ने उसको भिखारी का भेष बनाकर इंस्पेक्टर के पास सुरक्षित पहुँचा दिया।

किम्स गेम में देखने (Observation), चखने (Taste), आवाज़ (Sound), सूंघना (Smell) और छूने (Touch), जैसे अलग-अलग खेल खिलाये जाते हैं। टोलियों को व्यस्त रखने के लिए पाँच प्रकार के बेस बनाये जा सकते है। चक्रीय विधि से हर बेस पर प्रत्येक टोली को जाना होता है।

देखने (Observation) के खेल के लिये एक मेज पर चौबीस जानी पहचानी वस्तुएँ रख दी जाती है। उन्हें चादर से ढक दिया जाता है। टोली मेज के चारों ओर खड़ी कर दी जाती है। प्रत्येक सदस्य नोटबुक और पैन लेकर आता है। चादर को एक मिनट के लिये हटा दिया जाता है। किसी वस्तु का नाम न पता हो तो उसे बता दिया जाता है। अब चादर से उसे पुनः ढक दिया जाता है। टोली के सभी सदस्यों को दो मिनट में वस्तुओं के नाम लिखने को कहा जाता है। 16 वस्तुओं से अधिक जिसने नाम लिखें हों उन्हें सफल घोषित किया जाता है। यह क्रम अगली टोलियों पर भी लागू होता है।

चखने (Taste) की वस्तुओं में विभिन्न प्रकार की चीजें पानी में घोलकर गिलासों में रख दी जाती है। जैसे चीनी, नमक, मिर्च, मिट्टी, चूना, नींबू का पानी आदि । प्रत्येक को उन्हें चखने को दिया जाता है और नाम लिखने को कहा जाता है।
आवाज़ (Sound) के खेल में किसी बंद कमरे, झोपड़ी में ढोलक की आवाज, हारमोनियम, तबला अथवा फश पर थाली गिरने की आवाज़, पानी के नल का बहना, दो पत्थर टकराना, टेबल पर हाथ मारना आदि की आवाज़ लिखने को कहा जाता है।

सूघना (Smell) -इसी प्रकार सूंघने के लिये कपड़े की पोटली में विभिन्न प्रकार के मसाले रख कर टांग दिये जाते हैं। उन्हें पहचानने को कहा जाता है।

स्पर्श (Touch) के लिये छूकर जैसे गर्म, ठंडा-पानी छूना, दरवाजा, मेज़, कुसी, कापी, पेंसिल आदि छूने के खेल में आँख पर पट्टी बांध दी जाती है।
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