तपेदिक (Tuberculosis) के बारे में जानकारी

तपेदिक (Tuberculosis) के बारे में जानकारी

तपेदिक (Tuberculosis) , क्षयरोग या टी.बी. एक आम और कई मामलों में घातक संक्रामक बीमारी है जो माइक्रोबैक्टीरिया (सूक्ष्म जीवाणु), आमतौर पर माइक्रोबैक्टीरियम लेकिन यह शरीर के अन्य भागों को भी प्रभावित कर सकता है। यह हवा के माध्यम तपेदिक के विभिन्न प्रकार की वजह से होती है। जो फेफड़ों पर हमला करता है, से तब फैलता है जब वे लोग जो सक्रिय टी.बी. (क्षय रोग) संक्रमण से ग्रसित है। खाँसी, छींक या किसी अन्य प्रकार से हवा के माध्यम से अपना लार संचारित कर देते हैं।

ऐसा माना जाता है कि दुनिया की आबादी का एक तिहाई एम तपेदिक से संक्रमित है। नये संक्रमण प्रति सेकण्ड एक व्यक्ति की दर से बढ़ रहे है। एक अनुमान के अनुसार 2007 में विश्व में 13.7 मिलियन जटिल मामले सक्रिय थे हुइ जबकि 2010 में लगभग 8.8 मिलियन नये मामले और 1.5 मिलियन संबंधित मौते जो अधिकतर विकासशील देशों में हुई थी।

सक्रिय तपेदिक का निदान रेडियोलॉजी (छाती का एक्स-रे) के साथ-साथ माइक्रोस्कोपिक जाँच तथा शरीर में तरलों की माइक्रोबायोलॉजिकल कल्चर पर निर्भर करता है। भीतरी या छिपी तपेदिक का निदान ट्यूबर क्लयूलाइन त्वचा परीक्षण (TST) और या रक्त परीक्षणों पर निर्भर करता है।

Information about tuberculosis
Tuberculosis Symptoms Information Infographic illustration

संकेत एवं लक्षण-

सक्रिय तपेदिक संक्रमण के आदर्श लक्षण खून वाली थूक के साथ पुरानी खाँसी, बुखार, रात को पसीना आना और वजन घटना है। तीन

  • सप्ताह से ज्यादा खाँसी आना।
  • एक महीने से ज्यादा सीने में दर्द होना।
  • किसी भी समय तथा चाहे जितनी भी मात्रा में थूक के जरिये खून निकलना।
  • एक महीने से ज्यादा बुखार का होना।
  • रात के समय पसीना निकलना (कभी-कभी ज्यादा मात्रा में)।
  • भूख न लगना।
  • शारीरिक रूप से कमजोरी महसूस करना।
  • सास लेने में तकलीफ होना।
  • गले के पास सूजन या गिल्टी का होना।
  • रीढ़ की हड़ियों में अगर टी.बी. हो तब पीठ में दर्द और पैरों में कमजोरी महसूस करना।

उदाहरण:-

तपदिक का मुख्य कारण तपदिक माइक्रो-बैक्टीरियम है, जो एक छोटा एसोबिक चलने में अक्षम दण्डाणु होता है। शरीर में पैदा होते है, और जल्द ही ज्यादा मात्रा में बढ़ सकते हैं। खास कर फेफड़े में। तपेदिया के बैक्टीरिया हवा के जरिये फैलते है। इस बीमारी से पीड़ित लोगों को खाँसने, छींकने, थूकने तथा चिल्लाने से दूसरे लोग भी संक्रमित हो सकते है। तपेदिक से पीड़ित जानवर का मांस बिना अच्छी तरह पकाये खाने से या फिर बैक्टीरिया वाला दूध बिना अच्छी तरह उबाले पीने से आपको तपेदिया पकड़ सकता है। तपेदिक वंशानुगत बीमारी नहीं है।

इलाज:-

तपेदिक का इलाज शत प्रतिशत सम्भव है। बीमारी के बारे में जल्द पता चलने और सही इलाज कराने से और भी किसी को यह बीमारी पकड़ने से बचाया जा सकता है। छः से नौ महीनों तक हर रोज सही मात्रा में एन्टी तपेदिक (Anti-TB) वाली हवा लेने से (DOTS) डॉट्स का प्रयोग करने से तपेदिक से बचा जा सकता है। सभी जाँच पड़ताल तथा आने जाने का खर्च मुफ्त में दिया जाता है। तब भी यह बीमारी दोहरा सकती है, जब इलाज अधूरा छोड़ दिया जाय या सही मात्रा में दवा न ली गई हों।

रोकथाम:-

तपेदिक के रोकथाम हेतु व्यक्तिगत सफाई रखना बहुत जरूरी है जैसे कि यहां वहां न थूकना, खांसते या छीकते समय रुमाल का उपयोग करना चाहिए। हवादार और साफ सुथरे घर रहना चाहिए अपने आसपास के वातावरण को साफ रखना। जैसे जैसे हम जीवन स्तर में सुधार लाऐगें तपेदिक कम होता जाएगा।

बच्चों को जन्म के बाद बी.सी.जी. (BCG) का टीका लगाने से तपेदिक से बचा जा सकता है।

“तपेदिक का इलाज है हमें तपेदिक को खत्म करना है एक दिन मतलब है-जिले में एक और मौत, जिसे रोका जा सकता है”

तपेदिक या टी. बी. या क्षयरोग के बारे में अधिक जानकारी या इलाज हेतु नजदीकी सरकारी अस्पताल, स्वास्थ्य केन्द्रों में सम्पर्क करें।

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