आईटीआर फॉर्म-1 फाइल कैसे करें

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आईटीआर फॉर्म-1 फाइल कैसे करें

इनकम टैक्स रिटर्न (आईटीआर) फाइल करने का मतलब सरकार को अपनी आमदनी की जानकारी देना है. इनकम टैक्स रिटर्न (आईटीआर) फाइल करने का समय करीब आ रहा है. आपकी छोटी सी गलती भी इनकम टैक्स विभाग के कान खड़े कर सकती है. इससे आप मुसीबत में पड़ सकते हैं.

अगर आपने समय से आईटीआर फाइल नहीं किया तो आपको जुर्माना भी चुकाना पड़ सकता है. कुछ लोग आईटीआर फाइल करने के लिए चार्टर्ड अकाउंटेंट की मदद लेते हैं तो कुछ लोग खुद भी आईटीआर फाइल करते हैं. सबसे पहले आप यह चेक करें कि आपको आईटीआर फाइल करने के लिए कौन सा फॉर्म चुनना है.

अगर आपको वेतन से आमदनी हो रही है और यह सालाना 50 लाख रुपये से कम है तो आपको आईटीआर-1 फाइल करने की जरूरत है. इसके बाद आपको सभी दस्तावेज जुटाने की जरूरत है. आईटीआर-1 फाइल करने के बारे में हम इस आर्टिकल में बुनियादी जानकारी दे रहे हैं. हम आपको आईटीआर-1 की ऑनलाइन फाइलिंग के बारे में पूरी जानकारी मुहैया करायेंगे.

ऑनलाइन भरें या ऑफलाइन

आप आईटीआर दो तरीके से फाइल कर सकते हैं. आप ऑनलाइन (ई-फाइलिंग) माध्यम से आय कर रिटर्न दाखिल कर सकते हैं. अगर आप चाहें तो ऑफलाइन भी आईटीआर फाइल कर सकते हैं. ऑनलाइन माध्यम से आईटीआर फाइल करना आसान है. हर तरह के करदाता ऑनलाइन रिटर्न फाइल कर सकते हैं.

किसी एक वित्त वर्ष में अगर आपकी आय 5 लाख रुपये या इससे अधिक है तो आपके लिए ऑनलाइन रिटर्न फाइल करना अनिवार्य है. जो लोग विदेश में मौजूद किसी संपत्ति के मालिक हैं और जिनकी आमदनी का ऑडिट जरूरी है, उन्हें भी ऑनलाइन रिटर्न फाइल करना जरूरी है. फिजिकल फॉर्मेट (वास्तविक) में आईटीआर फाइल करने की तुलना में ऑनलाइन आईटीआर फाइल करना अधिक सुरक्षित है. यह इंटरनेट का उपयोग करते हुए कहीं भी/कभी भी रिटर्न फाइल करने की सुविधा देता है.

आप इनकम टैक्स विभाग की ऑनलाइन आईटीआर फाइलिंग पोर्टल से सीधे इनकम टैक्स रिटर्न भर सकते हैं या आप चाहें तो आईटीआर फॉर्म को जावा या एक्सेल फॉर्मेट में डाउनलोड कर उसे ऑफलाइन भरकर जमा करा सकते हैं. दोनों मामले में फॉर्म एक तरह से ही भरा जाता है. इसमें सिर्फ आईटीआर भरने की प्रक्रिया में अंतर होता है.

पिछले साल की तुलना में इस बार इनकम टैक्स विभाग ने करदाताओं से इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने में अधिक जानकारी मांगी है. इसमें आपको आईटीआर-1 में वेतन का ब्रेकअप भी उपलब्ध कराना है. आईटीआर की ई-फाइलिंग के लिए आपको सबसे पहले इनकम टैक्स विभाग की वेबसाइट पर रजिस्टर करना है.

पूरी तरह ऑनलाइन आईटीआर फाइल करने के लिए जरूरी कदम

सबसे पहले आप incometaxindiaefiling.gov.in पर जायें. यहां लॉग इन सेक्शन पर क्लिक करें. इसके बाद आप अपना पैन नंबर, पासवर्ड, जन्म तिथि और कैप्चा कोड डालें. इसके बाद लॉग इन बटन पर क्लिक करते ही आप इनकम टैक्स विभाग के ई-फाइलिंग होम पेज पर पहुंच जायेंगे. इसके बाद ई-फाइल विकल्प चुनें और इसमें इनकम टैक्स रिटर्न सेलेक्ट करें.

इसके बाद आपके विंडो पर एक नया स्क्रीन खुलेगा. यहां आपका पैन नंबर पहले से भरा होगा. आपको इसमें ड्रॉप डाउन मेन्यू में एसेसमेंट ईयर चुनना पड़ेगा. इसके बाद आपको आईटीआर फॉर्म चुनना पड़ेगा. आप इसमें एसेसमेंट ईयर 2020-21 चुनें और आईटीआर-1 चुनें.

इसके बाद फॉर्म सबमिट करने का मोड आपको चुनना है. इसमें आप प्रिपेयर एंड सबमिट ऑनलाइन चुन सकते हैं.

यहां आपको यह चुनना है कि आप अपने आईटीआर को वेरीफाय किस तरह करेंगे. इसके दो तरीके हैं:

आधार या नेट बैंकिंग के जरिये और आईटीआर को बेंगलुरु स्थित सेंट्रल प्रोसेसिंग यूनिट में भेजकर. वेरिफिकेशन भले ही इनकम टैक्स रिटर्न का आखिरी कदम हो, लेकिन आपको यहीं इस बारे में विकल्प चुनना पड़ेगा. अगर आप आईटीआर फॉर्म हिंदी में भरना चाहते हैं तो नीचे के बोक में हिंदी भाषा चुनें. अगर आप इसे अंग्रेजी में भरना चाहते हैं तो इंग्लिश भाषा चुन सकते हैं.

एक बार इसे सबमिट कर देने के बाद आपको सामान्य निर्देश ध्यान से पढ़ने की जरूरत है. इसके बाद आप दायीं तरफ बने टिक मार्क पर क्लिक कर दीजिये. इसके बाद आपके आईटीआर की ऑनलाइन फाइलिंग की प्रक्रिया शुरू हो जाती है.

इसके बाद आपके आईटीआर की ऑनलाइन फाइलिंग के सात चरण आते हैं:

ए) सामान्य निर्देश

बी)आमदनी की जानकारी

सी) छूट का विवरण

डी) इनकम टैक्स का कैलकुलेशन

ई) टीडीएस और अन्य चुकाए गए टैक्स की जानकारी

एफ) बैंक का विवरण

जी) वेरिफिकेशन

अब हम यह देखते हैं कि हर विवरण को कैसे भरा जाना है.

ए) सामान्य निर्देश फॉर्म के इस हिस्से में आपको सामान्य जानकारी देनी है. इनमें नाम, सरनेम, पैन और अन्य जानकारी शामिल है. यह हिस्सा भरने में आसान लग सकता है, लेकिन इसे भरने के लिए आपको टैक्स नियमों की सामान्य जानकारी होनी चाहिए.

इस फॉर्म में कुछ जानकारी पहले से ही भरी होती है जबकि पता, ईमेल आईडी और मोबाइल नंबर आदि जैसी जानकारी में आप बदलाव कर सकते हैं.

इसके बाद आपको यहां आधार नंबर, नियोक्ता की कैटेगरी जैसी चीजें भरनी हैं. यह ध्यान रखें कि फॉर्म के पार्ट-ए में आपने सही जानकारी दी है. आयकर के मौजूदा नियमों के मुताबिक आईटीआर में आधार नंबर देना जरूरी है. बिना आधार के आप आईटीआर फाइल नहीं कर सकते.

अगर आपने आधार के लिए आवेदन किया है और अब तक आपको नंबर मिला नहीं है तो आप एनरोलमेंट आईडी दे सकते हैं. अगर आपने आईटीआर फाइल करने में कोई गलती कर दी हो और आप रिवाइज रिटर्न भर रहे हैं तो आपको कोड 17 के साथ रिवाइज्ड 139(5) चुनना चाहिए. इसके साथ ही आपको रिवाइज्ड रिटर्न का विकल्प चुनना है.

आपको इस तरह का रिटर्न फाइल करते वक्त हालांकि कुछ अतिरिक्त जानकारी भी देनी है. इसमें पहली बार रिटर्न भरने की तारीख के साथ एकनॉलेजमेंट नंबर भी देने की जरूरत है.

अगर आप रिटर्न ड्यू डेट (31 जुलाई) के बाद भरते हैं तो आपको इसमें कोड 12-आफ्टर ड्यू डेट 139(4) चुनना चाहिए. अगर आपने सभी जरूरी जानकारी भर दी है तो आपको ऑनलाइन आईटीआर फाइलिंग में सेव ड्राफ्ट के विकल्प पर क्लिक करना चाहिए.

एक बार पार्ट-ए में मांगी गयी जानकारी भरने, वेरीफाय करने और उसे सेव करने के बाद आपको फॉर्म के अगले हिस्से में इनकम डीटेल पर जाना चाहिए.

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