गाइड गणवेश के जानकारी व सही पहनना

किसी भी संगठन की पहचान उसके सदस्यों के पहनावे से की जा सकती है।

स्काउट/गाइड संस्था भी एक निश्चित वेशधारी संगठन है। यही पहनावा उसकी पहचान है। चुस्त, फुर्तीले तथा सही वेशधारी व्यक्ति की ओर सभी का ध्यान आकर्षित होता है। अतः स्काउट/गाइड को सही यूनिफॉर्म पहननी चाहिए। पहनी जाये तो वह पूर्ण आकर्षक हो। सही और आकर्षक यूनिफार्म संगठन एवं स्वयं को यश प्रदान करती है। जब कभी हम नये और आकर्षक परिधान में होते हैं तो हमें आत्म-सम्मान की अनुभूति होती है। किन्तु गन्दे, फटे, सिकुड़े वस्त्र पहनने पर आत्म-ग्लानि का आभास होता हैं।

गाइड गणवेश के जानकारी व सही पहनना

गाइड गणवेश के विभिन्न हिस्सों के नाम जाने तथा उन्हें सही ढंग से पहनना जाने।

गाइड गणवेश (यूनिफार्म)

गाइड गणवेश

अनिवार्य गणवेश :-

फ्रॉक (ओव्हरऑल )-

गहरे आसमानी रंग की अपारदर्शी कपड़े की फ्रॉक जिस पर दो पैच जेब ऊपर और दो साइड जेब हो और आस्तीन की लम्बाई 8 से. मी. हो जिसमें कफ 4 से. मी. ऊपर की ओर उलटकर सिले होंगे। स्पोर्ट कॉलर और दोनों कंधों पर शोल्डर स्ट्रेप्स हो । फ्रॉक ज्यादा तंग नहीं होगी चाहिए।

अथवा

सलवार, कमीज और दुपट्टा-

गहरे आसमानी रंग की सलवार, हल्के नीले रंग की कमीज जो अपारदर्शी कपड़े की होनी चाहिए। कमीज की लम्बाई घुटनों तक होनी चाहिए। कमीज पर दो साइड जेब तथा दो पैच जेब होनी चाहिए और आस्तीन की लम्बाई 8 से. मी. होनी चाहिए। जिसमें कफ 4 से. मी. ऊपर की ओर उलटकर सिले होंगे। खुली स्पोर्ट कॉलर होनी चाहिए तथा दोनों कन्धों पर शोल्डर स्ट्रेप्स लगे होंगे। कमीज तंग सिला हुआ नहीं होना चाहिए। दुपट्टा अपारदर्शी एवं गहरा आसमानी रंग का होना चाहिए।

अथवा

मिडी, स्कर्ट और ब्लाउज-गहरे आसमानी नीले रंग की अपारदर्शी मिडी कपड़े की बनी होगी जिसके साइड में दो जेब और पीछे एक स्लिट (Slit) होगी। स्कर्ट की लम्बाई घुटने एवं एड़ी के बीच तक होनी चाहिए। ब्लाउज़ सफेद सादे तथा अपारदर्शी कपड़े का होगा। ब्लाउज़ में दो पैच पॉकेट होंगे। आस्तीन आधी होगी जो कोहनी से 8 से. मी. ऊपर होगी। कफ 4 से. मी. ऊपर की ओर उलट कर नीचे की ओर सिले होंगे। ब्लाउज़ में खुली स्पोर्ट कॉलर होगी तथा दोनों कंधों पर शोल्डर स्ट्रेप्स लगे होंगे। ब्लाउज तंग सिला हुआ नहीं होगा। ब्लाउज़ कमर से 8 से. मी. लम्बा होगा।

2.बैल्ट (पेटी)

राष्ट्रीय संस्था द्वारा उपलब्ध कराई गई ब्राउन नाईलैक्स की बैल्ट जिस पर भारत स्काउट्स एवं गाइड्स का अधिकृत ब्रॉस का बक्कल लगा होगा, पहनी जाएगी।

3.स्कार्फ-

हरे, बैंगनी और पीले रंगों को छोड़कर स्थानीय या जिला संघ द्वारा मान्य ग्रुप के रंग का स्कार्फ ग्रुप की वॉगल के साथ पहना जाएगा जिसे गर्दन के चारों ओर कॉलर एवं शोल्डर स्ट्रेप्स के ऊपर पहना जायेगा। स्कार्फ एक आधार तथा दो भुजाओं वाला तिकोने आकार का होगा। जिसके आधार एवं दो भुजाओं की लम्बाई कम से कम 70 से. मी. और अधिकतम 80 से. मी. होगी।

4. मोजे या जुराब- सफेद रंग।

5. जूते- चमड़े के बंद और काले रंग के जूते स्ट्रिप व बक्कल वाले होंगे।

6. बालों का रिबिन-काले रंग के प्लेन रिबिन या प्लेन हेयर बैंड बिना किसी डिजाइन का लगाया जा सकता है।

7.सदस्यता बैज- हरे रंग की पृष्ठभूमि पर कपड़े का बैज जिस पर पीले रंग से फ्लूर-डी-लिस सहित अन्दर की ओर पीले रंग का गाइड का त्रिदल फूल तथा बीच में पीले रंग से ही अशोक चक्र बना होगा जो कमीज की आस्तीन के बीचों-बीच लगाया जाएगा।

8. शोल्डर बैज- कंधे का बैज 6 से. मी. से 8 से. मी. लंबा x 1.5 से. मी. चौड़ा, हल्का वक्राकार होगा। जो कि सफेद पृष्ठभूमि और लाल किनारी (बार्डर) का D होगा, जिसमें लाल अक्षरों से ग्रुप का नाम व क्रम संख्या अंकित होगी, दोनों कंधों पर सीवन के नीचे लगाया जायेगा।

9. विश्व गाइड बैज-कपड़े का विश्व गाइड बैज दाहिनी आस्तीन के मध्य में पहना जा सकता है।

10. पेट्रोल चिन्ह- हर गाइड को पेट्रोल चिन्ह जरूरी है। यह काले रंग की पृष्ठभूमि से 4 से. मी. घेरे का होता है तथा इसमें हरे रंग की बार्डर बनी होती है इसे सैश पर सबसे ऊपर मध्य में लगाना चाहिए।

11. कार्डीगिन तथा ब्लेज़र- जब भी पहनना हो काले रंग का सादा बिना कोई डिजाईन का उपयोग में लाये । बिना बाहों का कार्डिगन मौसम के अनुरूप पहना जा सकता है।

12. सैश- गहरे आसमानी रंग का 10 से. मी. चौड़ाई का सैश कंधे से इस प्रकार पहना जाये कि निचला भाग कमर के नीचे, निचले हिस्से से नीचे की तरफ दाहिनी ओर आये। इसे दक्षता पदक के साथ पहनते है, जो प्रत्येक गाइड ने प्राप्त किये हैं, पहले से अंत तक द्वितीय सोपान से राष्ट्रपति पुरस्कार तक के सभी दक्षता पदक दो समानांतर पक्तियों में बढ़ते क्रम में लगाए जाएं। टोली चिह्न सैश के ऊपरी भाग में बीच में पहनें।

‘ऐच्छिक

अ. शिविर गणवेश-

गहरे आसमानी रंग की सलवार, कमीज और दुपट्टा जिसकी सिलाई ऊपर दिये गये गणवेश के अनुसार होगी।

ब. पी. कैप को बाहृय भ्रमण (आउटिंग) के समय ही पहना जा सकता है।

स.काला पाऊच रखा जा सकता है परतु इस समारोह के समय नहीं रख सकते

द. धातु का बैज जब गणवेश नहीं पहना हो, तब यह बैज लगाया जा सकता

इ. डोरी और सीटी- सफेद डोरी व सीटी गले के पास से लगाई जाती है।

फ. आभूषण धार्मिक आभूषण के सिवाय कोई भी आभषण नहीं पहने जा सकते हैं।

11. सामुद्रिक गाइड का गणवेश

सामुद्रिक गाइड का गणवेश ऊपर लिखित गणवेश जैसा ही होगा। उसे सामुद्रिक गाइड बैज दाहिनी जेब के ऊपर लगाना चाहिए।

12. वायु गाइड का गणवेश-

वायु गाइड का गणवेश ऊपर लिखित गाइड गणवेश जैसा ही होगा। उसे वायु गाइड बैज दाहिनी जेब पर लगाना चाहिए। सही वर्दी की जानकारी के लिये एपीआरओ देंखें।

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