जी. पी. एस. द्वारा मानचित्र मार्ग का अनुसरण कैसे करते हैं ?

जी. पी. एस. द्वारा मानचित्र मार्ग का अनुसरण करना
वैश्विवक स्थितिक व्यवस्था (Global Positioning System)

इस तंत्र का आविष्कार रोजर एल. एस्टन, इवान ए. गेटिंग और ब्रॉड फोर्ड परकिंसन तीन अमेरिकनों ने 1973 में किया, 1978 में इसे लॉन्च किया गया और 1995 से यह पूर्णतया सफलता पूर्वक कार्य करने लगा।

इस व्यवस्था में अंतरिक्ष से किसी कुशल चालक (मल्लाह, पानी के जहाज चालक, वायुयान चालक, अन्य प्रकार के वाहन चालक) द्वारा अपनी स्थिति को जानना संभव होता है। यह व्यवस्था हर मौसम में कार्यशील रहती है। इस व्यवस्था से किसी भी वाहन या व्यक्ति की स्थिति जानी जा सकती है।

इस व्यवस्था में सेटेलाइट से किसी भी स्थान का वास्तविक मानचित्र प्रसारित किया जाता है। यह एक ऐसा ऐप है जिसे कोई भी व्यक्ति अपने मोबाइल में अपनी स्थिति को जान सकता है। इसमें उत्तर दिशा, दूरी, परपंरागत चिन्ह, कन्टूर आदि को भी दर्शाया रहता है।

जी.पी.एस. मानचित्र आजकल मोबाइल में तरह-तरह के डिजिटल मानचित्र दिये गये है जो कि ग्लोबल पोजीशनिंग सिस्टम द्वारा संचालित होते है। मोबाइल में मैप एप्लीकेशन खोलने पर वो आपकी वास्तविक स्थिति को मैप में दिखाता है तथा गंतव्य स्थान का पता डालने पर वो आपको दिशा-निदेशित भी करता है। अपने यूनिट लीडर की सहायता से जी.पी.एस. का अनुसरण करत हुए किसी गंतव्य स्थान पर पहुंचने का अभ्यास करें।

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