भारत स्काउट्स एवं गाइड्स के मूलाधार : स्काउट-गाइड के सिद्धांत

भारत स्काउट्स एवं गाइड्स के मूलाधार


परिभाषा-

भारत स्काउट्स एवं गाइड्स नवयुवक नवयुवतियों के लिए एक स्वयं सेवी, अराजनीतिक, शैक्षिक आन्दोलन है जो वशं, जाति या धर्म के भेदभाव से परे सब के लिये समान रूप से खुला है और लार्ड बेडन पावेल द्वारा 1907 में निर्धारित उद्देश्य, सिद्धांत एवं विधियों पर आधारित है।

उद्देश्य-

स्काउट/गाइड आन्दोलन का उद्देश्य युवाओं के शारीरिक, बौद्धिक, सामाजिक,भावनात्मक और आध्यात्मिक विकास में मदद कर उन्हें स्थानीय, राष्ट्रीय और अन्तर्राष्ट्रीय समुदाय के लिए एक जिम्मेदार नागरिक बनाना है।

सिद्धांत-

स्काउट/गाइड आन्दोलन निम्नलिखित तीन सिद्धांतों पर आधारित

ईश्वर के प्रति कर्त्तव्य:- अपने धर्म के अनुसार ईश्वर आराधना एवं तद्नुरूप आचरण करना । ईश्वर की दी हुई प्रकृति की देखभाल व उसकी प्रगति में सहायक बनना।

दूसरों के प्रति कर्त्तव्यः- परिवार, पड़ोस, समाज तथा देश के प्रति अपना कर्त्तव्य करना अर्थात स्थानीय, राष्ट्रीय तथा अन्तर्राष्ट्रीय शान्ति के लिये कार्य करना, समझदारी व सहयोग से कार्य करना, लोगों के प्रति सम्मान व विश्वास का भाव जगाकर सामाजिक उन्नति में सहयोग करना।


स्वयं के प्रति कर्त्तव्य:- स्वयं का शारीरिक, बौद्धिक, सामाजिक व आर्थिक विकास करना, ज्ञान, कौशल और सामाजिक सम्बन्धों में उन्नति करना। अपने परिवार के प्रति अपने दायित्वों को निभाना।

विधिः-

स्काउट/गाइड शिक्षा एक ऐसी विद्या है, जिसका उदाहारण अन्यत्र नहीं मिलता। यह एक प्रगतिशील स्वशिक्षा है, जिसकी विधियाँ निम्नलिखित हैं :-
1.स्वयं करके सीखना।
2.स्काउट/गाइड प्रतिज्ञा और नियम।
3. छोटे-छोटे समूहों में कार्य करना अर्थात् टोली विधि का अनुसरण करना। जिससे नेतृत्व का विकास, जिम्मेदारी की भावना, आत्म निर्भरता, सहयोग की भावना का विकास होता है।
4. कार्यक्रमों की विविधता जिसके अंतर्गत खेल, प्रतियोगिता, निरीक्षण द्वारा अभिरुचि क्षमता एवं आयु वर्ग का ध्यान रखते हुए वाह्य क्रियाकलापों एवं प्राकृतिक वातावरण में वयस्कों द्वारा प्रेरणा, मार्गदर्शन एवं सुरक्षा प्रदान करते हुए विविध कलापों की शिक्षा देना।

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