प्रतिदिन घर पर भलाई का कार्य करना

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प्रतिदिन घर पर भलाई का कार्य करना

प्रतिदिन घर पर भलाई का कार्य करें और कम से कम एक माह तक डायरी तैयार करें
(Daily Good Turn)


प्रत्येक स्काउट और गाइड को परोपकार अर्थात् दूसरों की भलाई का कम से कम एक काम प्रतिदिन अवश्य करना चाहिए। दूसरों की सेवा करने से मन शुद्ध होता है और भावनाएं परिष्कृत होती हैं । परोपकार अथवा समाजसेवा संबंधी कार्यों की खोज में हमें कहीं दूर जाने की आवश्यकता नहीं है ।
सेवा कार्य अपने घर तथा परिवार की परिधि में ही प्रारंभ किया जा सकता है। घर-आंगन की सफाई में सहायता देना, सब वस्तुओं को सजाकर यथास्थान रखना, परिवार के किसी सदस्य के बीमार पड़ने पर उसकी सेवा करना तथा दवा लाकर देना आदि ऐसे घरेलू काम हैं जिनसे वे अपने बड़ों के कार्यभार को हल्का कर सकते हैं। अच्छे कार्य का प्रारंभ सदैव अपने घर से ही करना चाहिए। घर के वृद्धों की सेवा से बढ़कर कोई दूसरी सेवा नहीं है ।
इसी प्रकार स्वयं के मोहल्ले, विद्यालय, गांव या नगर में ऐसे अनेक कार्य हैं जिनमें वे सहायता प्रदान कर सकते हैं।
उदाहरण के लिये फलों के छिलकों, बीड़ी -सिगरेट के जले हुए टुकड़ों, कटे-फटे कागज, कांटों, ईंट- पत्थर आदि को मार्ग से हटाना आदि उपयोगी समाजसेवा के कार्य हैं । समाजसेवा संबंधी ऐसे अन्य अनेक काम हो सकते हैं जिनमें वे यथोचित योगदान कर सकते हैं- जैसे स्काउट तथा गाइड भूले भटके हुए लोगों को रास्ता दिखाकर, उन्हें परिचितों तथा संबंधियों के पास पहुंचाकर उनकी सहायता कर सकते हैं । वे स्थानीय मेलों तथा बड़े समारोहों में व्यवस्था संबंधी कार्यों में भी योगदान
कर सकते हैं। विद्यालय को साफ-सुथरा रखने तथा उसकी सजावट में उनकी भूमिका उपयोगी हो सकती है ।

इसी प्रकार डूबते लोगों को बचाना, अग्निकाण्ड में लोगों की सहायता करना, मरीजों की सेवा करना, गर्मी में प्यासों को पानी पिलाना, दुर्घटना-ग्रस्त लोगों को प्राथमिक सहायता देना, बाढ़-पीड़ितों तथा सूखाग्रस्त लोगों की सहायता करना, पशु-पक्षियों के साथ दया का व्यवहार करना, पक्षियों के लिए पानी के परिन्डों की व्यवस्था करना आदि ऐसे अनेक कार्य हैं जिनके द्वारा स्काउट-गाइड सेवा के व्रत का निर्वाह कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त समाज व राष्ट्रसेवा के अनेक कार्य जैसे पल्स पोलियो, जल संरक्षण, स्वच्छता प्रोत्साहन, साक्षरता, आयोडिन युक्त नमक का प्रयोग, पर्यावरण संरक्षण
आदि के प्रचार-प्रसार में सहयोग प्रदान कर सकते हैं।

‘गुडटर्न नॉट’


याद रखने के लिये स्काउट-गाइड प्रतिदिन अपने स्कार्फ पर एक गांठ बांध लेते हैं जिसे ‘गुडटर्न नॉट’ कहा जाता है। सेवा कार्य पूर्ण होने पर इस गांठ को खोल देते हैं।
नोट :- स्काउट-गाइड के प्रवेश पाठ्यक्रम में व गाइड के प्रथम सोपान में कम से कम एक माह तक प्रतिदिन किये गये सेवा कार्य की डायरी तैयार करें। दैनिक जीवन में भी डायरी लेखन को अपने जीवन का हिस्सा बनायें।

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