बच्चो की सदाबहार बाल कविताए जिसे पढ़कर आपका मन खिल उठेगा (Children’s Evergreen rhymes That Read You definately enjoy)

हाउ हाउ हप्प

हाउ हाउ हप्प
एक सुनाऊ गप्प ।
बाबा जी की दाढ़ी
झारबेरी की झाड़ी।
उस गाड़ी के अंदर
घुसे बीसीयों बंदर
करते रहते खो खो खो
यूं ही बीत गए बरसो।
हाउ हाउ हप्प
एक सुनाऊ गप्प ।

 

कबाड़ी की गाड़ी


पीपल के नीचे रहता था ,
चूहा एक कबाड़ी।
दो-दो मेंढक जोत जोत कर,
खूब चलाता गाड़ी।
सीधा साधा पथ हो चाहे,
उबड़ खाबड़ झाड़ी ।
बड़े मजे से उचक उचक कर ,
चलती उसकी गाड़ी ।

सोन चिरैया

रिमझिम रिमझिम बूंदे नाचे
बंदर नाचे छम छम छम ।
ता ता थैया भालू नाचे , हाउ हाउ हप्प
एक सुनाऊ गप्प ।
जुगनू नाचे चम चम चम
थिरक थिरक कर मोर नाचते,
सोनचिरैया छूम छनन ।
ठुमक ठुमक कर गुड़िया नाचे ,
नाच नाच उठता है मन।

रसगुल्ला


भरा भरा यह रस का गोला
मीठा मीठा पोला पोला ।
गोल-गोल यह फूला फूला।
कहते हैं इसको रसगुल्ला।
कैसे इसमें रस भरता ,
हरदम खाने को जी करता ।
सारा तो मैं निगल ना पाऊं
थोड़ा-थोड़ा इसको खाऊं ।

मेला जाना


काले बादल काले बादल।
मत पानी बरसाओ बादल ।
मुझे देखने मेला जाना
यहां नहीं पानी बरसाना ।
मेले से जब घर आ जाऊं ।
तुम को सारा हाल सुनाऊं ।
तब चुपके से गांव में आना ।
छम छम कर पानी बरसाना ।

छुक छुक छुक छुक गाड़ी आई

छुक छुक छुक छुक गाड़ी आई
आगे से हट जाना भाई ।
हट जाना भाई, बस जाना भाई ।
छुक छुक छुक छुक गाड़ी आई
काला काला धुआं उड़ाती।
फक फक फक शोर मचाती
गाड़ी आई गाड़ी आई
आगे से हट जाना भाई ।

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