भारत में स्काउटिंग के प्रणेता

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भारत में स्काउटिंग के प्रणेता

प. मदन मोहन मालवीय-

  • पं. मदन मोहन मालवीय का जन्म 25 दिसम्बर 1861 को इलाहाबाद में पं. ब्रजनाथ जी के घर पर हुआ।
  • मालवीय जी एक कुशल राजनीतिज्ञ शिक्षाविद व स्वतंत्रता सेनानी थे। स्वतंत्रता आन्दोलन में उनका महत्वपूर्ण योगदान रहा।
  • मालवीय जी 1909 से 1918 तक भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के अध्यक्ष रहे।1912 में सैन्ट्रल लेजिस्लेटिव एसेम्बिली के सदस्य रहे।
  • इन्होंने बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय की स्थापना की ।उपनिषद का मंत्र ‘सत्यमेव जयते’ मालवीय जी के प्रचार-प्रसार के कारण भारत का आदर्श वाक्य बना।
  • मालवीय जी के सम्मान में भारत सरकार ने डाक टिकट जारी किया। मालवीय जी को भारत सरकार ने पदम् भूषण व भारत रत्न अवार्ड से सम्मानित किया।
  • 1918 म प . मदन मोहन मालवीय जी के सझाव पर ही पं. श्रीराम बाजपेयी व डा. हृदयनाथ कुंजरू ने, इनके सहयोग व संरक्षण में भारतीय बच्चों के लिए इलाहाबाद में सेवा समिति ब्वाय स्काउट एसोसिएशन की स्थापना की।
  • इनके सानिध्य में प्रत्येक कुम्भ मेले में सैकड़ों स्काउट्स सक्रिय सेवाएं प्रदान करते थे।
  • इनकी मृत्यु 12 नवम्बर 1946 को हुई।

डा. हृदयनाथ कुंजरू-

  • डॉ. हृदयनाथ कुंजरू का जन्म 1 अक्टूबर 1887 को इलाहाबाद में पं. अयोध्यानाथ कुंजरू
  • के घर में हुआ।
  • ये केन्द्रीय विधानसभा के सदस्य रहे,व बाद में राज्य सभा के सदस्य रहे । ये राज्यों की सीमा निर्धारण करने वाली समिति के भी सदस्य रहे।
  • 1918 में पं. मदन मोहन मालवीय जी के प्रयास से भारतीय बच्चों के लिए . श्रीराम बाजपेयी के साथ मिलकर सेवा समिति ब्वाय स्काउट एसोसिएशन की स्थापना की। ये सेवा समिति के आजीवन प्रेजिडेन्ट रहे। वर्ष 1952 से 1957 तक भारत स्काउट्स व गाइडस संस्था के प्रथम नेशनल कमिश्नर रहे।
  • इनकी स्मृति में 1987 में भारत सरकार ने डाक टिकट जारी किया ।
  • इनकी मृत्यु 03 अप्रेल 1978 को हुई।

पं. श्री राम बाजपेयी-

  • पं. श्रीराम बाजपेयी का जन्म 11 अगस्त ।
  • 1880 को शाहजहांपुर (उ.प्र.) में श्री गयादीन बाजपेयी के घर हुआ। ये रेलवे में विभिन्न विभागों में सेवारत रहे।
  • आपदा प्रबंधन प्राथमिक सहायता व ड्रिल पर आपका एकाधिकार था।
  • एक बार वे बाजार से सामान खरीद कर लाए । सामान के कागज की पुड़िया में स्काउटिंग के बारे में पढ़ कर प्रेरित हुए और भारतीय बच्चों के लिए भारत में सर्वप्रथम 1913 में शाहजहांपुर में एक स्काउट दल खोला। . मदन मोहन मालवीय जी के निमन्त्रण पर ये 1918 में इलाहाबाद कुंभ मेले में 100 स्काउट कार्यकर्ताओं के साथ पहुंचे। उनके सेवाकार्य पर सभी मुग्ध हो गए। 1918 में ही उन्होंने . मदन मोहन मालवीय जी के सुझाव प्रेरणा व सहयोग से डॉ.हृदयनाथ कुंजरू के साथ मिलकर भारतीय बच्चों के लिए सेवा समिति ब्वय स्काउट एसोसिएशन की स्थापना की।
  • बाजपेयी जी ने 1921 में इलाहाबाद रैली में बेडन पावल व लेडी बेडन पावल को आमन्त्रित किया उस रैली में झंडेवाली घटना से बी पी बहुत प्रभावित हुए और उन्होंने माना कि भारतीय स्काउट्स भी अन्य देशों स्काउट्स से कम नहीं है। ये पहले भारतीय स्काउटर थे जिन्होंने गिलविल पार्क (इंग्लैंडमें स्काउट मास्टर प्रशिक्षण प्राप्त किया।
  • इनकी मृत्यु 06 जनवरी 1955 को हुई ।

डा. (श्रीमती) एनीबीसेन्ट-

  • डॉ. (श्रीमती) एनीबीसेन्ट का जन्म 01 अक्टूबर 1847 को लन्दन में हुआ था।
  • इनके माता-पिता आयरिश थे।
  • मई 1889 में ये थियोसोफिकल की सदस्या बनी व सन् 1906 में इस सोसाइटी की अध्यक्ष बनी।
  • 16 नवम्बर 1893 को श्रीमती एनीबीसेन्ट भारत आई उन्होंने भारत को अपनी मातृभूमि माना।
  • उन्होंने श्रीमद् भगवद गीता का अंग्रेजी अनुवाद किया।
  • उन्होंने भारत की आजादी के आन्दोलन में भाग लिया और जेल भी गई। उन्होंने भारतीय संस्कृति की रक्षा व उत्थान के लिए, पुराणों को ज्ञान का अक्षय भंडार बताया तथा उनका महत्व भारतीयों को समझाया।
  • बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय की स्थापना के लिएउन्होंने अपने 15 वर्षों से संचालित हिन्दु कॉलेज को . मदन मोहन मालवीय जी को समर्पित करके महत्वपूर्ण योगदान दिया।
  • 1915-16 में डा. ( मिसेज) ने डा. अरुणडेल के सहयोग से मद्रास में इन्डियन बॉयज स्काउट एसोसिएशन की स्थापना की तथा स्काउट दल खोले।
  • उन्होंने भारत में बच्चों के लिए स्काउटिंग के प्रचार-प्रसार में बड़ा योगदान दिया।
  • इनकी मृत्यु 1933 में हुई।

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