कक्षा पहली के बच्चों के लिए गणित में सीखने के प्रतिफल

कक्षा पहली के बच्चों के लिए गणित में सीखने के प्रतिफल

  • विभिन्‍न वस्तुओं को भौतिक विशेषताओं, जैसे – आकृति, आकार तथा अन्य अवलोकनीय गुणों, जैसे – लुढ़कना, खिसकना के आधार पर समूहों में वर्गीकृत करते हैं।
  • 1 से 20 तक की संख्याओं पर कार्य करते हैं।
  • 1 से 9 तक की संख्याओं का उपयोग करते हुए वस्तुओं को गिनते हैं।
  • 20 तक की संख्याओं को मूर्त रूप से, चित्रों और प्रतीकों द्वारा बोलकर गिनते हैं।
  • 20 तकसंख्याओं की तुलना करते हैं, जैसे – यह बता पाते हैं कि कक्षा में लड़कियों की संख्या या लड़कों की संख्या ज़्यादा है।
  • दैनिक जीवन में 1 से 20 तक संख्याओं का उपयोग जोड़ (योग) व घटाने में करते हैं।
  • मूर्त वस्तुओं की मदद से 9 तक की संख्याओं के जोड़ तथ्य बनाते हैं। उदाहरण के लिए 3+3 निकालने के लिए 3 के आगे 3 गिनकर यह निष्कर्ष निकालते हैं कि 3+3=6
  • 1 से 9 तक संख्याओं का प्रयोग करते हुए घटाने की क्रिया करते हैं, जैसे – 9 बस्तुओं के एक समूह में से 3 वस्तुएँ निकालकर शेष वस्तुओं को गिनते हैं और निष्कर्ष निकालते हैं कि 9-3 =6
  • 9 तक की संख्याओं का प्रयोग करते हुए दिन प्रतिदिन में उपयोग होने वाले जोड़ तथा घटाव के प्रश्नों को हल करते हैं।
  • 99 तक की संख्याओं को पहचानते हैं एवं संख्याओं को लिखते हैं।
  • विभिन्‍न वस्तुओं/आकृतियों के भौतिक गुणों का अपनी भाषा में वर्णन करते हैं, जैसे – एक गेंद लुढ़कती है, एक बाक्स खिसकता है, आदि।
  • छोटी लंबाइयों का अनुमान लगाते हैं, अमानक इकाइयों, जैसे – उँगली, बित्ता, भुजा, कदम आदि की सहायता से मापते हैं।
  • आकृतियों/संख्याओं का प्रयोग करते हुए किसी चित्र के संबंध में सामान्य सूचनाओं का संकलन करते हैं, लिखते हैं तथा उनका अर्थ बताते हैं। (जैसे किसी बाग के चित्र को देखकर विद्यार्थी विभिन्‍न फूलों को देखते हुए यह नतीजा निकालते हैं कि एक विशेष रंग के पुष्प अधिक हैं।)
  • शून्य की अवधारणा को समझते हैं।

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